जहाज डूबा… पर कप्तान डटा रहा… कैप्टन महेंद्र नाथ मुल्ला की कहानी
- June 9, 2025
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Last Updated:June 09, 2025, 23:45 IST INS Khukri Story: कैप्टन महेंद्र नाथ मुल्ला ने INS खुकरी डूबते समय जवानों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी. उन्होंने खुद की जान
Last Updated:June 09, 2025, 23:45 IST INS Khukri Story: कैप्टन महेंद्र नाथ मुल्ला ने INS खुकरी डूबते समय जवानों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी. उन्होंने खुद की जान
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INS खुकरी पर उस रात करीब 18 ऑफिसर्स और 176 नौसैनिक मौजूद थे. (फोटो FB/7ajay#dhurve)
हाइलाइट्स
Captain Mahendra Nath Mulla Story: 13 दिसंबर 1971 अरब सागर की एक स्याह रात. भारत-पाकिस्तान युद्ध उफान पर था. भारतीय नौसेना का युद्धपोत INS खुकरी दुश्मन की टॉरपीडो का शिकार बन चुका था. सायरन बज रहे थे सैकड़ों जवान अपनी जान बचाने की जद्दोजहद में थे. और वहीं अपने पूरे नेवी ड्रेस में एक सिगार के साथ अपनी कुर्सी पर शांत बैठा था एक भारतीय योद्धा कैप्टन महेंद्र नाथ मुल्ला.
उनके पास था बचने का मौका, उनके पास था लाइफ जैकेट. लेकिन उन्होंने कहा — “तुम बचो, मेरी चिंता मत करो.” और फिर जहाज के साथ ही समंदर में समा गए. यह उनका आखिरी कदम था. दरअसल यह इंडियन नेवी की असली परंपरा है. इसका जिक्र हाल में एक पॉडकास्ट में किया गया. इस पॉडकास्ट का वीडियो अब वायरल है.
