घर से बाहर निकलने पर रहें सावधान, बांदा में है इस जानवर का आतंक

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Banda news hindi: बांदा जिले के अस्पतालों में हर रोज 10 से 12 मरीज कुत्ते के काटने का इलाज करा रहे हैं. जानकारों का कहना है कि गर्मी में….

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बांदा: तापमान बढ़ने के साथ ही आवारा कुत्तों का आतंक भी बढ़ गया है. गर्मी के मौसम में कुत्ते हर गली-मोहल्ले में हांफते और आक्रोशित नजर आ रहे हैं. इस दौरान कुत्तों के हमले की घटनाएं भी तेजी से बढ़ रही हैं. खासकर यूपी के बांदा जिले में आवारा कुत्तों की संख्या में अचानक बढ़ोतरी ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है.
रोजाना 10 से 12 मरीज पहुंच रहे अस्पताल
आप को बता दें कि बांदा जिले के अस्पतालों में हर रोज 10 से 12 मरीज कुत्ते के काटने के बाद उपचार के लिए पहुंच रहे हैं. डॉक्टरों के मुताबिक, आंकड़ों की बात करें तो अप्रैल 2024 से फरवरी 2025 तक जिले में कुल 4,414 लोग कुत्तों के काटने का शिकार हो चुके हैं. इन मरीजों को रेबीज से बचाने के लिए 5,700 वायल इंजेक्शन का उपयोग किया गया है. औसतन हर महीने करीब 300 से 350 लोग कुत्ते के हमले का शिकार हो रहे हैं.
गर्मी में क्यों बढ़ती है समस्या
जानकारी के लिए बता दें कि गर्मी के मौसम में कुत्ते ज्यादा आक्रामक हो जाते हैं. पानी और भोजन की कमी के चलते ये गुस्सैल और हिंसक हो जाते हैं. जानकारों का कहना है कि गर्मी के दिनों में कुत्तों में रेबीज फैलने का खतरा भी अधिक रहता है. ऐसे में लोगों को सावधान रहने की जरूरत है.
स्वास्थ्य अधिकारी ने कही ये बात
बांदा जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विजेंद्र सिंह का कहना है कि हर कुत्ते में रेबीज नहीं होता, लेकिन कुत्ते के काटने के बाद तुरंत चिकित्सीय परीक्षण और उपचार जरूरी है. उनकी सलाह है कि कुत्ते के काटने पर किसी भी तरह की लापरवाही न करें और तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर इंजेक्शन लगवाएं.
