गिरिडीह में गरीब बच्चों के लिए फ्री कोचिंग सेंटर, सरकारी अफसर भी पढ़ाते
- May 7, 2025
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Last Updated:May 07, 2025, 16:26 IST गिरिडीह में महेशलुंडी के युवाओं ने गरीब बच्चों के लिए फ्री कोचिंग सेंटर शुरू किया है, जहां सरकारी अधिकारी भी पढ़ाते हैं.
Last Updated:May 07, 2025, 16:26 IST गिरिडीह में महेशलुंडी के युवाओं ने गरीब बच्चों के लिए फ्री कोचिंग सेंटर शुरू किया है, जहां सरकारी अधिकारी भी पढ़ाते हैं.
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हाइलाइट्स
स्कूलों में महंगी फीस और किताबों के कारण गरीब घरों के बच्चे सही से पढ़ाई नहीं कर पाते हैं. इसी समस्या को देखते हुए कुछ युवाओं ने गरीब बच्चों को मुफ्त में शिक्षा देने की पहल की है. इस फ्री कोचिंग सेंटर का लाभ सैकड़ों बच्चे उठा रहे हैं. गिरिडीह कलेक्ट्रेट से कुछ ही कदमों की दूरी पर यह फ्री कोचिंग सेंटर चल रहा है. इस सेंटर की खास बात यह है कि यहां सरकारी अधिकारी भी पढ़ाते हैं.
गिरिडीह के महेशलुंडी में कुछ युवकों ने फ्री कोचिंग सेंटर की शुरुआत की. उनका मकसद था कि जो कठिनाइयां उन्होंने अपनी पढ़ाई के दौरान झेली, वो अन्य बच्चों को न झेलनी पड़े. इस संस्थान की नींव महेशलुंडी पंचायत के मुखिया शिवनाथ साव ने रखी. सुमित साव इस कोचिंग सेंटर के डायरेक्टर हैं और उनके देखरेख में सब कुछ चल रहा है. इस कोचिंग सेंटर में चौथी से लेकर 12वीं तक के स्टूडेंट्स पढ़ते हैं और इनकी संख्या करीब 200 है. इस कोचिंग सेंटर में वैसे बच्चों को पढ़ाया जाता है जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और जिनके माता-पिता के पास प्राइवेट स्कूल में पढ़ाने के लिए पैसे नहीं हैं.
यह निःशुल्क कोचिंग सेंटर गरीब बच्चों के लिए वरदान साबित हो रहा है. इसकी शुरुआत 22 नवंबर 2022 को हुई थी. संस्था की ओर से अमरदीप कुमार ने बताया कि वह और उनकी टीम डायरेक्टर सुमित साव के निर्देशानुसार बच्चों को पढ़ाने का काम कर रहे हैं. शुरुआत में मात्र 4 बच्चे थे, लेकिन धीरे-धीरे यह संख्या बढ़ गई और आज 4 बैच में बच्चे पढ़ रहे हैं. सोमवार से शनिवार तक पढ़ाई होती है और रविवार को टेस्ट होता है. उस दिन डायरेक्टर सुमित, जो कैग डिपार्टमेंट में कोलकाता में जॉब कर रहे हैं, बच्चों को गाइड करने के लिए मौजूद रहते हैं.
अमरदीप ने बताया कि बच्चों को नवोदय, नेतरहाट, सैनिक स्कूल और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवाई जाती है. कई बच्चे अलग-अलग एग्जाम पास कर चुके हैं. यहां एडमिशन के लिए टेस्ट लिया जाता है और उसमें पास करने के बाद ही एडमिशन मिलता है. संस्था के संस्थापक और मुखिया शिवनाथ साव ने बताया कि वह किसी तरह से पढ़ाई कर पाए. जब उन्होंने देखा कि उनके इलाके के बच्चे गरीबी के कारण पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं, तो उन्हें फ्री कोचिंग सेंटर का विचार आया. आज बच्चे और युवक बहुत मेहनत कर रहे हैं और एक दिन जरूर इतिहास लिखेंगे.
