AIIMS faculty doctors March: 2 अक्टूबर को गांधी जयंती से ठीक पहले ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज नई दिल्ली के सीनियर डॉक्टरों ने दांडी मार्च निकालकर विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान फैकल्टी डॉक्टरों ने प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ कूच करने की कोशिश की. पैदल मार्च कर रहे डॉक्टरों ने पिछले दो साल से लंबित पड़ी अपनी मांगों को एक बार फिर दोहराते हुए एम्स में रोटेटरी हेडशिप लागू किए जाने के लिए प्रधानमंत्री से गुहार लगाई.
बुधवार को एम्स के जवाहरलाल नेहरू ऑडिटोरियम से इकठ्ठे होकर डॉक्टरों ने एम्स के गेट नंबर एक से पीएमओ की तरफ कूच करना शुरू कर दिया. इस दौरान डॉक्टर लगातार एम्स के विभाग में एचओडी पदों पर नियुक्ति में रोटेशन सिस्टम की मांग करने लगे. हालांकि एम्स के गेट नंबर एक पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने डॉक्टरों को पीएमओ की तरफ बढ़ने से रोक दिया. यहां इकठ्ठे होकर डॉक्टर्स संसद मार्ग तक मार्च निकालने जा रहे थे लेकिन पुलिस ने इन्हें गेट पर ही रोक दिया. जिस कारण ये गेट पर ही बैठ गए.
फैकल्टी एसोसिएशन ऑफ एम्स के महासचिव डॉ. अमरिंदर माल्ही ने इस मार्च को लेकर बताया कि एम्स के विभागों में एचओडी की नियुक्ति में रोटेशन सिस्टम को लागू करने की मांग को लेकर पहले भी कई बार प्रदर्शन किया गया है. हर बार ही डॉक्टरों को आश्वासन दे दिया जाता है कि उनकी मांगों को लागू किया जाएगा, लेकिन अभी तक उस दिशा में कोई कार्रवाई न होने पर एक बार फिर डॉक्टरों का गुस्सा फूट पड़ा है.
डॉ. माल्ही ने आगे बताया कि रोटेटरी हेडशिप को केंद्र सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से मंजूरी दे दी गई है लेकिन अभी तक सिस्टम में नहीं आ पा रहा है. अब प्रधानमंत्री से ही गुहार लगाई जा रही है. अगर इस संबंध में जल्द ही कोई फैसला नहीं हुआ तो एम्स के सभी डॉक्टर्स इस मांग को लेकर जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करेंगे. इसकी तारीख जल्द ही जारी कर दी जाएगी.