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गर्मियों में अनियमित पीरियड्स से परेशान? इन 5 आयुर्वेदिक नुस्खों से करें इलाज

  • April 13, 2025
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Last Updated:April 13, 2025, 06:29 IST Irregular Periods Ayurvedic ilaj: गर्मियों में महिलाओं को हार्मोनल असंतुलन, थकावट और अनियमित पीरियड्स की समस्या होती है. बोकारो के आयुर्वेदाचार्य ने

गर्मियों में अनियमित पीरियड्स से परेशान? इन 5 आयुर्वेदिक नुस्खों से करें इलाज

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Irregular Periods Ayurvedic ilaj: गर्मियों में महिलाओं को हार्मोनल असंतुलन, थकावट और अनियमित पीरियड्स की समस्या होती है. बोकारो के आयुर्वेदाचार्य ने इसको लेकर कुछ देसी आयुर्वेदिक इलाज बताए हैं, जिससे इस समस्याओ…और पढ़ें

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महिलाओं

महिलाओं के लिए पीरियड्स

हाइलाइट्स

  • अश्वगंधा तनाव कम करने और मानसिक शांति के लिए लाभकारी है.
  • गोखरू मासिक धर्म और मूत्र संक्रमण में मदद करता है.
  • शतावरी नई माताओं के लिए तनाव कम करने और दूध बढ़ाने में सहायक है.

पीरियड्स का इलाज. गर्मियों के मौसम में तेज धूप और बढ़ते तापमान के कारण महिलाओं में हार्मोनल संतुलन कि समस्या होती, जिसका प्रभाव उनके मूड स्विंग्स, थकावट, अनियमित पीरियड्स और सेहत पर पड़ता है. ऐसे में बोकारो के वरिष्ठ आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ राजेश पाठक (20 वर्षों से पतंजलि और शुद्धी आयुर्वेद में अनुभव) ने गर्मियों में महिलाओं के हार्मोनल संतुलन को बनाए रखने के लिए प्राकृतिक जड़ी-बूटियों कि जानकारी साझा किया है, जो प्रभावकारी तरीके से महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है.

अश्वगंधा एक गुणकारी आयुर्वेदिक औषधि है, जो तनाव को कम करने में मदद करती है इसे ‘नफोटोनिक’ भी कहा जाता है, क्योंकि यह शरीर में रक्त संचार को बेहतर बनाता है. डॉ. पाठक के अनुसार, प्रतिदिन 3 से 5 ग्राम अश्वगंधा को दूध या गुनगुने पानी के साथ सेवन करने से तनाव में कमी आती है और मानसिक शांति मिलती है.

गोखरू यह मासिक धर्म और मूत्र संक्रमण में लाभकारी माना जाता है. इसमें विशेष तत्व मौजूद होते हैं, जो महिलाओं में मासिक धर्म की अनियमितता को दूर करने में मदद करता है साथ ही, यह यूरिन इन्फेक्शन को भी ठीक करने में प्रभावी होता है. ऐसे 5 से 10 ग्राम गोखरू को 400 मिली पानी में उबालकर उसका काढ़ा बनाकर पीने से मासिक धर्म और मूत्र संक्रमण समस्या दूर होती है.

शतावरी नई माताओं के लिए वरदान माना जाता है. यह न केवल तनाव को कम करती है, बल्कि प्रसव के बाद दूध की कमी को भी दूर करने में मदद करती है. इसमें मौजूद पोषक तत्व नई माताओं को मजबूती प्रदान करते हैं.

ब्राह्मी एक गुणकारी औषधि है, जो मेमोरी पावर बढ़ाने के काम आती है. इसे महिलाओं में चिड़चिड़ापन और गुस्से को कम करने में सहायक होता है. साथ ही यह बढ़ती उम्र के साथ होने वाली याददाश्त की कमी यानी मेमोरी लॉस की समस्या को भी कम करती है. ऐसे में 2 ग्राम ब्राह्मी चूर्ण को सुबह या शाम पानी या दूध के साथ लेने से मन शांत होता है.

शिलाजीत महिलाओं के हार्मोनल संतुलन को सुधारने में बेहद प्रभावशाली औषधि माना जाता है. यह मासिक धर्म की अनियमितता और रुकावट की समस्याओं को दूर करने में सहायक मानी जाती है. साथ ही, (Menopause) के दौरान आने वाली दिक्कतों को भी यह कम करता है. ऐसे में 3 से 5 मिलीग्राम शुद्ध शिलाजीत को गुनगुने दूध या पानी में मिलाकर लेने से मासिक धर्म की अनियमितता दूर होती है.

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गर्मियों में अनियमित पीरियड्स से परेशान? इन 5 आयुर्वेदिक नुस्खों से करें इलाज

Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

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