गर्भावस्था में Paracetamol का उपयोग सुरक्षित: यूरोपीय रिसर्च में Autism का खतरा नहीं बढ़ने की पुष्टि
January 17, 2026
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नई मेडिकल रिसर्च से गर्भवती महिलाओं को बड़ी राहत गर्भावस्था के दौरान दवा का सेवन हमेशा से एक संवेदनशील विषय रहा है। विशेष रूप से Paracetamol (Tylenol) जैसी
नई मेडिकल रिसर्च से गर्भवती महिलाओं को बड़ी राहत
गर्भावस्था के दौरान दवा का सेवन हमेशा से एक संवेदनशील विषय रहा है। विशेष रूप से Paracetamol (Tylenol) जैसी सामान्य दर्द निवारक दवा को लेकर वर्षों से यह आशंका बनी रही कि कहीं इसका उपयोग बच्चे के मानसिक विकास पर नकारात्मक प्रभाव तो नहीं डालता। लेकिन अब यूरोप के वैज्ञानिकों द्वारा किए गए नए शोध ने इन आशंकाओं को काफी हद तक दूर कर दिया है।
इस नवीनतम अध्ययन में यह स्पष्ट रूप से सामने आया है कि गर्भावस्था के दौरान Paracetamol का सीमित और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार उपयोग करने से बच्चों में Autism Spectrum Disorder (ASD) का खतरा नहीं बढ़ता।
क्या कहती है नई रिसर्च?
यूरोपीय शोधकर्ताओं ने हजारों गर्भवती महिलाओं और उनके बच्चों के स्वास्थ्य डेटा का गहराई से विश्लेषण किया। इस अध्ययन में गर्भावस्था के अलग-अलग चरणों में Paracetamol के उपयोग और बच्चों में Autism के लक्षणों के बीच संबंध को जांचा गया।
रिसर्च के अनुसार:
Paracetamol लेने वाली और न लेने वाली महिलाओं के बच्चों में Autism के मामलों में कोई महत्वपूर्ण अंतर नहीं पाया गया।
नियंत्रित मात्रा में ली गई Paracetamol पूरी तरह सुरक्षित पाई गई।
दर्द, बुखार या हल्की सूजन के लिए Paracetamol अब भी सबसे सुरक्षित विकल्प मानी जाती है।
वैज्ञानिकों का कहना है कि पहले के कुछ अध्ययनों में गलत निष्कर्ष निकाले गए थे, जिनमें अन्य स्वास्थ्य कारकों को ठीक से नहीं जोड़ा गया था।
पहले क्यों बनी थी चिंता?
पिछले कुछ वर्षों में कुछ शोधों ने यह संकेत दिया था कि गर्भावस्था के दौरान Paracetamol का अधिक उपयोग बच्चे के न्यूरोलॉजिकल विकास को प्रभावित कर सकता है। इसके बाद कई महिलाओं में डर पैदा हो गया था कि कहीं यह दवा Autism का कारण तो नहीं बन रही।
लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि उन अध्ययनों में:
माताओं की जीवनशैली
मानसिक तनाव
आनुवांशिक कारण
पर्यावरणीय प्रभाव
जैसे कई महत्वपूर्ण कारकों को ठीक से शामिल नहीं किया गया था।
डॉक्टरों की राय
प्रसिद्ध स्त्री रोग विशेषज्ञों और बाल रोग विशेषज्ञों का कहना है कि:
“Paracetamol गर्भावस्था में दर्द और बुखार के लिए सबसे सुरक्षित दवाओं में से एक है, बशर्ते इसे डॉक्टर की सलाह से लिया जाए।”
डॉक्टरों के अनुसार:
तेज बुखार गर्भस्थ शिशु के लिए Paracetamol से ज्यादा खतरनाक हो सकता है।
बिना इलाज के संक्रमण प्रेग्नेंसी में जटिलताएं बढ़ा सकता है।
इसलिए Paracetamol से डरने की बजाय सही जानकारी रखना जरूरी है।
Paracetamol क्यों है सबसे सुरक्षित विकल्प?
गर्भावस्था में कई दवाएं प्रतिबंधित होती हैं, लेकिन Paracetamol इसलिए सुरक्षित मानी जाती है क्योंकि:
यह गर्भनाल के माध्यम से भ्रूण पर गंभीर असर नहीं डालती
सूजन और दर्द को नियंत्रित करती है
बुखार को कम करती है
NSAIDs की तुलना में कम जोखिम भरी होती है
इसी कारण दुनिया भर के डॉक्टर Paracetamol को गर्भावस्था में पहली पसंद मानते हैं।
Autism पर रिसर्च का निष्कर्ष
रिसर्च में साफ कहा गया है कि:
गर्भावस्था के दौरान Paracetamol के उपयोग और Autism के बीच कोई सीधा वैज्ञानिक संबंध प्रमाणित नहीं हुआ है।
Autism एक जटिल न्यूरो-डेवलपमेंटल कंडीशन है, जो कई कारणों से हो सकती है जैसे:
आनुवांशिक कारण
माता-पिता की स्वास्थ्य स्थिति
गर्भावस्था के दौरान संक्रमण
पर्यावरणीय प्रभाव
इसे केवल एक दवा से जोड़ना वैज्ञानिक रूप से सही नहीं माना जाता।
गर्भवती महिलाओं के लिए जरूरी सलाह
विशेषज्ञ गर्भवती महिलाओं को निम्न सलाह देते हैं:
किसी भी दवा को डॉक्टर की सलाह के बिना न लें
Paracetamol निर्धारित मात्रा में ही लें
लंबे समय तक लगातार सेवन से बचें
तेज बुखार या दर्द की स्थिति में डॉक्टर से संपर्क करें
इंटरनेट पर फैली अफवाहों पर भरोसा न करें
सोशल मीडिया पर फैली गलत जानकारी
सोशल मीडिया और कुछ वेबसाइट्स पर यह दावा किया गया कि Paracetamol Autism का कारण बनती है। इसी कारण कई गर्भवती महिलाएं जरूरी इलाज से भी डरने लगी थीं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी भ्रामक जानकारी गर्भवती महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक असर डालती है।
नई रिसर्च ने इन अफवाहों को पूरी तरह खारिज कर दिया है।
भारत में डॉक्टरों की प्रतिक्रिया
भारत के कई वरिष्ठ गायनेकोलॉजिस्ट और पीडियाट्रिशियन इस रिसर्च का स्वागत कर रहे हैं। उनका कहना है कि इससे गर्भवती महिलाओं का डर कम होगा और वे बिना तनाव के इलाज करा सकेंगी।
एक वरिष्ठ डॉक्टर के अनुसार:
“Paracetamol को लेकर अब स्पष्ट हो चुका है कि सीमित मात्रा में यह पूरी तरह सुरक्षित है।”
⚠️ Disclaimer (अस्वीकरण)
यह लेख विभिन्न अंतरराष्ट्रीय शोध रिपोर्ट्स और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल सामान्य जानकारी प्रदान करना है। यह किसी भी प्रकार से डॉक्टर की सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है।
गर्भावस्था के दौरान किसी भी दवा का सेवन करने से पहले अपने चिकित्सक या स्त्री रोग विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें। प्रत्येक महिला की शारीरिक स्थिति अलग होती है, इसलिए दवाओं का प्रभाव भी अलग हो सकता है।
इस लेख में दी गई जानकारी के आधार पर स्वयं दवा लेने से होने वाले किसी भी प्रकार के नुकसान के लिए लेखक, प्रकाशक या वेबसाइट जिम्मेदार नहीं होंगे।
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