कोलकाता गैंगरेप पर… अपनी ही पार्टी पर भड़के कल्याण, महुआ ने भी खींची तलवार
- June 29, 2025
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कोलकाता के साउथ कलकत्ता लॉ कॉलेज में 25 जून को एक 24 वर्षीय महिला छात्रा के साथ हुए कथित गैंगरेप मामले ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में भूचाल
कोलकाता के साउथ कलकत्ता लॉ कॉलेज में 25 जून को एक 24 वर्षीय महिला छात्रा के साथ हुए कथित गैंगरेप मामले ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में भूचाल
कोलकाता के साउथ कलकत्ता लॉ कॉलेज में 25 जून को एक 24 वर्षीय महिला छात्रा के साथ हुए कथित गैंगरेप मामले ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में भूचाल ला दिया है. एक ओर जहां राज्य की सत्ता पर काबिज तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार इस घटना पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की बात कर रही है, वहीं पार्टी के अंदर से ही विरोध के स्वर उभरने लगे हैं. खासकर वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी और मदन मित्रा के बयानों ने TMC को असहज स्थिति में ला खड़ा किया है. वहीं इस पूरे मामले में बीजेपी खूब हमलावर है और राज्य में कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है.
पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों 31 वर्षीय मनोजीत मिश्रा , दो छात्र जैब अहमद (19 साल) और प्रमित मुखोपाध्याय (20 साल), और कॉलेज के 55 वर्षीय सुरक्षा गार्ड पिनाकी बनर्जी को गिरफ्तार है. कोलकाता पुलिस ने इस मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है. इस टीम ने पीड़िता के बताए अनुसार लॉ कॉलेज में क्राइन सीन को रीक्रिएट करके वारदात की कड़ियां जोड़ी हैं.
महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि भारत में महिलाओं के प्रति नफरत सभी राजनीतिक पार्टियों में देखने को मिलती है. उन्होंने कहा कि टीएमसी में फर्क सिर्फ इतना है कि पार्टी ऐसी शर्मनाक टिप्पणियों की खुलकर निंदा करती है. टीएमसी ने पार्टी सांसद कल्याण बनर्जी और विधायक मदन मित्रा की गैंगरेप केस पर विवादित टिप्पणियों से खुद को अलग कर लिया है.
इस बीच TMC की तेजतर्रार सांसद महुआ मोइत्रा ने इस मामले पर बयान देते हुए स्पष्ट किया कि राज्य सरकार और पार्टी का रुख महिला अपराधों पर बिल्कुल सख्त है। उन्होंने पोस्ट किया, ‘कोलकाता पुलिस ने सभी आरोपियों को 12 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया और चार दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा गया. हमारी सरकार की महिला अपराधों के खिलाफ जीरो टॉलेरेंस की नीति है.’
महुआ ने इसी बहाने BJP पर भी हमला बोला और कहा कि ‘BJP बलात्कारियों को माला पहनाती है और इनाम देती है, जबकि हमारी सरकार कड़ी कार्रवाई करती है.’
हालांकि इस मामले में TMC के वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी ने अपनी ही पार्टी की सोशल मीडिया पोस्ट से असहमति जताई. उन्होंने एक्स पर लिखा, ‘मैं ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस की तरफ से ‘एक्स’ पर की गई पोस्ट से पूरी तरह असहमत हूं. क्या वे अप्रत्यक्ष रूप से उन नेताओं का समर्थन कर रहे हैं जो इन अपराधियों को बचा रहे हैं?’
उन्होंने साफ कर दिया कि जब तक सीधे तौर पर जिम्मेदार नेताओं पर कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक सिर्फ ‘अकादमिक बयान’ देने से कुछ नहीं होगा. कल्याण बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि 2011 के बाद पार्टी में उभरे कुछ नेता खुद ऐसे मामलों में सवालों के घेरे में हैं और वे उन लोगों से भी खुद को अलग रखते हैं जो इस तरह के अपराधियों को संरक्षण दे रहे हैं.
लॉ स्टूडेंट गैंगरेप करने के आरोप में मनोजित मिश्रा, जैब अहमद और प्रमीत मुखोपाध्याय को गिरफ्तार किया जा चुका है. ये तीनों TMC की छात्र इकाई से जुड़े बताए जा रहे हैं. इस मामले पर सांसद कल्याण बनर्जी ने एक विवादास्पद बयान दिया था, जिसमें उन्होंने कहा था, ‘अगर कोई दोस्त अपने दोस्त के साथ ऐसा करता है, तो हर जगह पुलिस नहीं हो सकती.’
इसके बाद TMC विधायक मदन मित्रा ने भी विवादित बयान दे डाला कि ‘इस घटना से लड़कियों को सीख लेनी चाहिए कि कॉलेज बंद होने के बाद कॉलेज न जाएं.’ इन दोनों नेताओं के बयानों की निंदा ना सिर्फ विपक्ष ने की, बल्कि पार्टी ने भी आधिकारिक रूप से इनसे पल्ला झाड़ते हुए बयान जारी किया कि ये व्यक्तिगत विचार हैं और पार्टी इनसे सहमत नहीं है.
टीएमसी की तरफ से जारी बयान में कहा गया, ‘साउथ कलकत्ता लॉ कॉलेज में हुए जघन्य अपराध के बारे में सांसद कल्याण बनर्जी और विधायक मदन मित्रा की टिप्पणियां उनकी व्यक्तिगत हैसियत में हैं. पार्टी की महिला अपराधों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति है और हम इस अपराध में शामिल सभी लोगों को सख्त से सख्त सजा दिलवाने की मांग करते हैं.’
साउथ कलकत्ता लॉ कॉलेज में एक छात्रा के साथ हुए कथित गैंगरेप की जघन्य घटना के खिलाफ केंद्रीय मंत्री और पश्चिम बंगाल बीजेपी अध्यक्ष सुकांत मजूमदार के नेतृत्व में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने शनिवार को जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया. इस प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने सुकांत मजूमदार सहित कई बीजेपी नेताओं को हिरासत में ले लिया. हालांकि रविवार सुबह इन सभी को लालबजार थाने से जमानत पर छोड़ दिया गया.
थाने से बाहर निकलने पर मजूमदार ने मीडिया से बातचीत में कहा, ‘मुझे विरोध करने के लिए गिरफ्तार किया गया था. उसके बाद, पुलिस ने मुझसे कहा कि अगर मैं जमानत बांड पर हस्ताक्षर करता हूं तो वे मुझे रिहा कर देंगे. मैंने हस्ताक्षर नहीं किए, और मैं लालबाजार (पुलिस मुख्यालय) में रहा. मेरे साथ 32 कार्यकर्ता थे. जब सरकारी पुलिस सोती है, तो किसी को जागना पड़ता है. भाजपा यह काम कर रही है. अगर मुझे पश्चिम बंगाल के लिए 1000 बार गिरफ्तार होना पड़े, तो मैं ऐसा करने के लिए तैयार हूं…’
