कोई भी फैसला लेने में हो रही है घबराहट, समझ नहीं आ रहा क्या सही क्या गलत?
- May 3, 2025
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Take Decision Without Any Fear : हर इंसान की लाइफ में ऐसे मौके जरूर आते हैं जब उसे किसी बड़े या छोटे फैसले को लेकर दिमागी कन्फ्यूजन का
Take Decision Without Any Fear : हर इंसान की लाइफ में ऐसे मौके जरूर आते हैं जब उसे किसी बड़े या छोटे फैसले को लेकर दिमागी कन्फ्यूजन का
Take Decision Without Any Fear : हर इंसान की लाइफ में ऐसे मौके जरूर आते हैं जब उसे किसी बड़े या छोटे फैसले को लेकर दिमागी कन्फ्यूजन का सामना करना पड़ता है. कभी कभी तो यह कन्फ्यूजन इतना बढ़ जाता है कि इंसान सही गलत की पहचान ही नहीं कर पाता. ऐसे में फैसला लेने में देर होती है या फिर वह ऐसा कदम उठा लेता है जिसका पछतावा बाद में होता है.
कई बार हमें लगता है कि जो हम सोच रहे हैं, वही सही है. लेकिन बाद में जब रिजल्ट सामने आता है, तब समझ आता है कि असल में हमसे कोई चूक हो गई थी. भगवद गीता में श्रीकृष्ण ने अर्जुन को भी इसी उलझन से निकाला था. उन्होंने बताया था कि फैसला कैसे लिया जाए, क्या बातें ध्यान में रखनी चाहिए और किन बातों से बचना चाहिए. आइए जानते हैं भोपाल निवासी ज्योतिषी एवं वास्तु सलाहकार पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा से.
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पहली बात: फैसला लेते समय सच्चाई का साथ न छोड़ें
श्रीकृष्ण ने कहा है कि कोई भी फैसला ऐसा नहीं होना चाहिए जो किसी के साथ नाइंसाफी करे. अगर आप अपने लिए या किसी और के लिए कोई निर्णय ले रहे हैं, तो उसमें ईमानदारी होनी जरूरी है. ऐसा न हो कि आप अपने किसी फायदे के लिए किसी और को नुकसान पहुंचा दें. जो आज आप किसी के साथ कर रहे हैं, वही कल आपके साथ हो सकता है. इसलिए हमेशा सच का साथ दें, भले ही वह मुश्किल हो.
दूसरी बात: भावनाओं में बहकर फैसला न लें
अक्सर हम गुस्से, मोह, लालच या डर की वजह से कोई ऐसा डिसिशन ले लेते हैं जो बाद में गलत साबित होता है. अगर आप बहुत ज्यादा इमोशनल हैं, तो उस वक्त कोई बड़ा कदम न उठाएं. खुद को थोड़ा वक्त दें, ठंडे दिमाग से सोचें, फिर निर्णय लें.
तीसरी बात: अपनी अंदर की आवाज को सुनें
कई बार हम दूसरों की बातों में आकर कोई फैसला कर लेते हैं. लेकिन हर इंसान के अंदर एक आवाज होती है जो उसे सही गलत का फर्क बताती है. उसे ही अंतरात्मा या इन्ट्यूशन कहते हैं. जब भी दुविधा हो, शांत बैठें, खुद से सवाल करें और जो जवाब अंदर से आए, उस पर भरोसा करें.
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चौथी बात: फैसले से पहले नतीजों पर सोचें
कोई भी कदम उठाने से पहले यह सोचें कि उसका क्या असर हो सकता है. खासतौर पर अगर नतीजे बुरे निकले तो क्या आप उन्हें झेल पाएंगे? अगर जवाब ‘नहीं’ है, तो हो सकता है वह रास्ता आपके लिए ठीक न हो. वहीं अगर किसी रास्ते पर चलने से आपकी लाइफ बेहतर हो सकती है, तो उस पर आगे बढ़ना समझदारी होगी.
