करोड़ों के फ्लैट, पानी का तरस गए लोग, बोलत मंगवा कर चला रहे हैं काम
- May 10, 2025
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Last Updated:May 10, 2025, 09:32 IST आवास विकास परिषद द्वारा विकसित किए गए सिद्धार्थ विहार में करोड़ों के फ्लैटों में रहने वाले लोग पानी के लिए तरह रहे
Last Updated:May 10, 2025, 09:32 IST आवास विकास परिषद द्वारा विकसित किए गए सिद्धार्थ विहार में करोड़ों के फ्लैटों में रहने वाले लोग पानी के लिए तरह रहे
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इस मामले में मुख्यमंत्री कार्यालय में की गयी है शिकायत.
गाजियाबाद. उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद द्वारा विकसित किए गए सिद्धार्थ विहार में करोड़ों के फ्लैटों में रहने वाले लोग पानी के लिए तरह रहे हैं. यहां पर बेसमेंट में पानी भरने की वजह से पानी की सप्लाई और लिफ्ट बंद हो गयीं. इस संबंध में स्थानीय लोगों ने गाजियाबाद प्रशासन से शिकायत की. जिसके बाद जिला प्रशासन, गाज़ियाबाद नगर निगम और आवास विकास परिषद के सहयोग से तुरंत राहत कार्य शुरू किया गया. बिल्डर का कहना है कि दूसरे बिल्डर द्वारा नाले की दिशा अवैध रूप से बदलने और उसके प्रवाह को रोकने के कारण यह परेशानी हुई है.
सिद्धार्थ विहार में प्रतीक ग्रैंड सिटी की दो हाउसिंग सोसाइटियों, ग्रैंड कार्नेशिया और ग्रैंड पायोनिया हैं. इन सोसाटियों में सरकारी अधिकारी से लेकर तमाम कारपोरेशन आफिस से जुड़े लोग रहते हैं. सोसाइटी में 24 टावर हैं और हर टावर में करीब 28 मंजिल हैं. यहां पर बेसमेंट में पानी भरने की वजह से 3000 फैमिली परेशान हो गयीं. इस वजह से लिफ्ट बंद हो गयी और पानी की सप्लाई बाधित हो गयी. पानी भरने की वजह से ऊपरी मंजिल में रहने वाले बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सीढि़यों जाना पड़ा.
पानी की सप्लाई प्रॉपर न होने की वजह से लोगों को बोतल बंद पानी का सहारा लेना पड़ रहा है . सोसायटी में गंगाजल की आपूर्ति बंद है. लोगों ने कहा कि दिन में कुछ ही देर के लिए पानी की आपूर्ति हुई. सुबह जब टोंटी खोली तो पानी नहीं आया. इस वजह से बिना नहाने आफिस जाना पड़ रहा है
नाले का प्रवाह रोकने से जलभराव
इस संबंध में बिल्डर प्रतीक ग्रुप के अनुसार उनका प्रोजेक्ट साइट एक पुराने कच्चे नाले के रास्ते में पड़ता है, जो हिंडन नदी की ओर बहता है, लेकिन इसी रास्ते में एक अन्य बिल्डर ने कथित रूप से नाले की दिशा मोड़ दी, जिससे नाले का बहाव बाधित हुआ. इस वजह से दीवार टूट गई और नाले का गंदा पानी सीधे सोसाइटी के बेसमेंट में घुस गया. बेसमेंट में गाड़ियां डूब गईं, लिफ्ट और पानी की सप्लाई जैसी जरूरी सेवाएं ठप हो गईं. ग्रुप ने राज्य सरकार, प्रशासन और मुख्यमंत्री कार्यालय को इस पूरे मामले की शिकायत भेज दी है औ पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की बात कही.
