ऐसा शनिदेव का मंदिर…जहां अखंड ज्योत का तेल लगाने से रोग हो जाते हैं दूर!
- May 6, 2025
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Last Updated:May 06, 2025, 19:00 IST Siddha Peeth Shri Shani Dham Temple: आज हम आपको सहारनपुर में स्थित शनिदेव के एक ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा
Last Updated:May 06, 2025, 19:00 IST Siddha Peeth Shri Shani Dham Temple: आज हम आपको सहारनपुर में स्थित शनिदेव के एक ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा
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हाइलाइट्स
सहारनपुर:- प्राचीन काल से ही सहारनपुर जनपद ऋषि मुनियों की तपस्थली रहा है. यहां चारों ओर विभिन्न देवी देवताओं के प्राचीन मंदिर हैं, जहां देशभर से लोग अपनी मन्नत लेकर पहुंचते हैं. ऐसा ही आज हम आपको सहारनपुर के एक मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं, जो शनिदेव का है. शनि महाराज को कलयुग का न्याय देवता कहा गया है और सहारनपुर के नानौता में स्थित सिद्ध पीठ श्री शनि धाम मंदिर बेहद चमत्कारी माना जाता है. इस मंदिर को लेकर मान्यता है, कि जो भी भक्त यहां अपनी मनोकामना लेकर पहुंचता है, उनकी मनोकामना पूर्ण होती है. साथ ही साथ लोगों को मंदिर में पहुंचने पर पॉजिटिव एनर्जी का अहसास भी होता है. इतना ही नहीं बताया जाता है, लोगों को रोगों से भी छुटकारा मिलता है.
शनिदेव ने खुद लिया है स्थान
आपको बता दें, इस मंदिर की स्थापना 2016 में हुई थी, लेकिन खास बात यह है कि यहां पर शनि महाराज ने स्वयं स्थान लिया है. आज भी शनि महाराज की मूर्ति जहां पर रखी गई थी, वहां से उस मूर्ति को कोई भी सीधा नहीं कर पाया. प्रतिवर्ष 23 अप्रैल को यहां पर विशाल भंडारे का आयोजन भी किया जाता है और हजारों की संख्या में यहां श्रद्धालु पहुंचते हैं. बताया जाता है, इस मंदिर में जैसे- जैसे लोग ठीक हो रहे हैं वैसे- वैसे शनि महाराज के प्रति लोगों की आस्था और भी बढ़ती जा रही है.
मंदिर कमेटी के सदस्य ने दी जानकारी
मंदिर कमेटी के सदस्य रामकुमार सिंह ने लोकल 18 से बात करते हुए बताया, कि 2016 में 23 अप्रैल को यहां पर शनि देव महाराज की स्थापना हुई थी. वे बताते हैं, हरियाणा के रहने वाले पिंटू राणा की आस्था शुरू से ही शनि देव महाराज में बहुत थी. उन्होंने ही यहां पर शनि देव मंदिर बनवाया और शनि देव महाराज की स्थापना कराई. रामकुमार सिंह बताते हैं कि बड़ी बात यह है कि जब यह मंदिर बनकर तैयार हुआ और शनि महाराज की प्राण प्रतिष्ठा होने लगी तो मशीन और लोगों के द्वारा शनि महाराज की मूर्ति को जैसे ही अंदर रखा गया, तो वह मूर्ति रखने के बाद वहां से हिली तक नहीं, जबकि मूर्ति को सीधा करने की बहुत कोशिश की गई.
आगे वे बताते हैं, जब संतो से इसके बारे में पूछा गया तो संतो ने बताया, कि पहले से ही शनि महाराज यहां पर विराजमान हैं और उन्होंने अपना स्थान स्वयं लिया है. उसके बाद से इस मंदिर का नाम सिद्ध पीठ श्री शनि धाम रखा गया. इसके बाद शनि महाराज के साथ पंचमुखी हनुमान जी की स्थापना भी की गई. लोगों का मानना है कि शनिधाम में आने के बाद उनको बहुत अधिक पॉजिटिव एनर्जी का अहसास होता है. आगे वे बताते हैं, धीरे-धीरे श्रद्धालुओं की आस्था शनि महाराज के प्रति बढ़ती चली गई और आज लाखों की संख्या में कई प्रदेशों से श्रद्धालु यहां पर आते हैं. जब से मंदिर की स्थापना हुई तभी से ही यहां पर अखंड ज्योत शनि महाराज के सामने जल रही है. मान्यता है इस अखंड ज्योत का तेल लगाने से हजारों लोगों के रोग भी ठीक हो चुके हैं. क्योंकि शनि महाराज को न्याय का देवता भी कहा जाता है और वह हर किसी के साथ न्याय करते हैं.
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Local-18 व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.
