February 21, 2026
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ऐसा मुर्गा जिसकी कीमत सुनते ही उड़ेगे होश! 15 हजार के ऑफर को किसान ने ठुकराया

  • April 29, 2025
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Last Updated:April 29, 2025, 00:52 IST Asil Chicken Breed: सोलापुर के अरुण शिंदे ने असिल नस्ल के मुर्गे की प्रजनन क्षमता बढ़ाने के लिए 15 हजार रुपये का

ऐसा मुर्गा जिसकी कीमत सुनते ही उड़ेगे होश! 15 हजार के ऑफर को किसान ने ठुकराया

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Asil Chicken Breed: सोलापुर के अरुण शिंदे ने असिल नस्ल के मुर्गे की प्रजनन क्षमता बढ़ाने के लिए 15 हजार रुपये का ऑफर ठुकराया. उनका फार्म असिल मुर्गों के लिए प्रसिद्ध है, जिनका वजन 4-4.5 किलोग्राम होता है.

ऐसा मुर्गा जिसकी कीमत सुनते ही उड़ेगे होश! 15 हजार के ऑफर को किसान ने ठुकराया

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असिल मुर्गे के 15 हजार के ऑफर को ठुकराया

हाइलाइट्स

  • अरुण शिंदे ने 15 हजार का ऑफर ठुकराया.
  • असिल नस्ल के मुर्गे का वजन 4-4.5 किलोग्राम होता है.
  • मुर्गे की प्रजनन क्षमता बढ़ाने पर जोर.

सोलापुर: महाराष्ट्र के सोलापुर जिले के मोहोल तालुका के कामटी खुर्द गांव में रहने वाले अरुण शिंदे ने मुर्गी और बत्तख पालन में नया आयाम स्थापित किया है. पिछले तीन-चार वर्षों से वह इस बिजनेस को बड़े पैमाने पर चला रहे हैं और उनकी मेहनत ने एक विशेष नस्ल के मुर्गे को बहुत प्रसिद्ध बना दिया है. उनके पास आंध्र प्रदेश की असिल नस्ल का मुर्गा है, जिसकी कीमत बाजार में 12 से 15 हजार रुपये तक पहुंच गई थी. यह मुर्गा केवल अपनी नस्ल और आकार के कारण ही खास नहीं है, बल्कि उसकी अद्भुत विशेषताएं भी हैं.

नर मुर्गे का वजन 4 से 4.5 किलोग्राम तक होता है
अरुण शिंदे का प्रोत्साहन एग्रो फार्म खास तौर पर असिल मुर्गों के लिए जाना जाता है. असिल नस्ल के मुर्गे की शारीरिक संरचना और स्वभाव उसे अन्य नस्लों से अलग बनाता है. इस नस्ल के नर मुर्गे का वजन 4 से 4.5 किलोग्राम तक होता है, जबकि मादा मुर्गी 2 से 2.5 किलोग्राम की होती है. इसके अलावा, असिल नस्ल के मुर्गे को सुरक्षा गार्ड के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता है. फार्म पर आने वाले अजनबियों और अन्य जानवरों से वह पूरी तरह से रक्षा करता है.

12 से 15 हजार रुपये की कीमत
सोलापुर के अरुण शिंदे ने इस मुर्गे को बेचना नहीं चुना, भले ही रत्नागिरी के एक व्यापारी ने इसके लिए 12 से 15 हजार रुपये की कीमत बताई थी. उनका मुख्य उद्देश्य इन मुर्गों की प्रजनन क्षमता को बढ़ाना था ताकि यह नस्ल और भी फैल सके.

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अरुण शिंदे का यह अनूठा प्रयास सोलापुर में खेती और पालनपोषण के क्षेत्र में नई संभावनाओं को उजागर कर रहा है. इसने न केवल कृषि से जुड़ी कार्यशैली को एक नई दिशा दी है, बल्कि स्थानीय किसानों को भी प्रेरित किया है कि वे अपने काम को किस तरह से बेहतर और लाभकारी बना सकते हैं.

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