February 21, 2026
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एयरफोर्स में कैसे विंग कमांडर बनीं व्‍योमिका सिंह, क्‍लास 6 में क्‍या हुआ था?

  • May 7, 2025
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Last Updated:May 07, 2025, 14:16 IST Indian Army Officer, Vyomika Singh, India Pak Tension, Operation Sindoor: विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर की जानकारी मीडिया को दी.

एयरफोर्स में कैसे विंग कमांडर बनीं व्‍योमिका सिंह, क्‍लास 6 में क्‍या हुआ था?

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Indian Army Officer, Vyomika Singh, India Pak Tension, Operation Sindoor: विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर की जानकारी मीडिया को दी. उन्होंने कक्षा 6 में ही एयरफोर्स में जाने का निर्णय लिया था. UPSC के…और पढ़ें

एयरफोर्स में कैसे विंग कमांडर बनीं व्‍योमिका सिंह, क्‍लास 6 में क्‍या हुआ था?

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India airstrike on Pakistan, Indian Army Officer, Vyomika Singh story: बचपन से एयरफोर्स में जाना चाहती थीं व्‍योमिका सिंह.

हाइलाइट्स

  • व्योमिका सिंह ने कक्षा 6 में एयरफोर्स में जाने का निर्णय लिया.
  • UPSC के जरिए एयरफोर्स में एंट्री ली और 13 साल बाद विंग कमांडर बनीं.
  • ऑपरेशन सिंदूर की जानकारी देने वाली महिला अधिकारियों में शामिल रहीं.

Vyomika Singh, Indian Army, India Pak Tension, Operation Sindoor: भारत ने पाकिस्‍तान पर जो एयर स्‍ट्राइक की.इसे ऑपरेशन सिंदूर का नाम दिया गया.इस ऑपेरशन के बाद भारतीय सेना ने इसकी पूरी जानकारी मीडिया ब्रीफ‍िंग में साझा की.इस दौरान ऑपरेशन की जानकारी जिन दो महिला अधिकारियों ने दी उनमें एक विंग कमांडर व्‍योमिका सिंह भी शामिल रहीं.व्‍योमिका सिंह ने सोफ‍िया कुरैशी के साथ मिलकर भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर की पूरी जानकारी दी.जिसके बाद वह चर्चा में हैं.आइए आपको बताते हैं व्‍योमिका सिंह की एयरफोर्स की विंग कमांडर कैसे बनीं?

Vyomika Singh Story: व्‍योमिका सिंह ने एक इंटरव्‍यू में अपनी कहानी शेयर की थी, जिसमें उन्‍होंने बताया था कि जब वह क्‍लास 6 में थीं, तभी उन्‍होंने यह तय किया था कि वह एयरफोर्स में जाएंगी.उन्‍होंने ऐसा क्‍यों सोचा था. इसके पीछे की कहानी भी काफी दिलचस्‍प है.उन्‍होंने बताया कि एक बार उनकी क्‍लास में अपने अपने नामों को लेकर बहस चल रही थी. इसी दौरान उन्‍होंने अपने नाम ‘व्योमिका’का अर्थ ‘आकाश में निवास करने वाली बताया. तभी से व्‍योमिका ने सोच लिया कि अब आसमां मेरा होगा.

UPSC के जरिए मिली एंट्री
व्‍योमिका ने अपने एक इंटरव्‍यू में बताया है कि जब उनकी पढ़ाई पूरी हुई, तो उस समय बहुत कम लडकियां ही एयरफोर्स में आती थीं. ऐसे में मैंने अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद यूपीएससी की परीक्षा दी और यूपीएससी के जरिए एयरफोर्स में एंट्री ली. फ‍िर व्‍योमिका हेलिकॉप्‍टर पायलट बन गईं. इसके बाद व्‍योमिका ने कभी पीछे मुड कर नहीं देखा.

13 साल बाद बनीं विंग कमांडर
व्‍योमिका सिंह को 18 दिसंबर 2004 को भारतीय वायुसेना में कमीशन किया गया था.व्‍योमिका सिंह को वर्तमान में सबसे बेहतरीन विंग कमांडर में से एक माना जाता है. उनके पास लड़ाकू हेलिकॉप्‍टर्स उड़ाने का बेहतरीन अनुभव है. उन्‍हें चीता चेतक जैसे लड़ाकू हेलिकॉप्‍टर उड़ाने में विशेषज्ञता हासिल है.व्‍योमिका सिंह 18 दिसंबर 2017 को विंग कमांडर बनीं. इस तरहवायुसेना में शामिल होने के 13 साल बाद उन्‍हें विंग कमांडर का पद मिला.व्‍ योमिका सिंह के पास 2500 से अधिक फ्लाइंग ऑवर्स पूरे करने का अनुभव है. विंग कमांडर व्‍योमिका सिंह वर्ष 2021 में माउंट मणिरंग की चढ़ाई करने वाली वायुसेना की महिला विंग का भी हिस्‍सा रही हैं. आज आपरेशन सिंदूर (India airstrike on Pakistan) के बाद हर ओर व्‍योमिका सिंह की चर्चा है.

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एयरफोर्स में कैसे विंग कमांडर बनीं व्‍योमिका सिंह, क्‍लास 6 में क्‍या हुआ था?

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