राजगढ़: राजगढ़ जिले के कुख्यात कड़िया, हुलखेड़ी और गुलखेड़ी गांवों में पुलिस अधीक्षक (एसपी) आदित्य मिश्रा की ताबड़तोड़ कार्रवाई का असर दिखने लगा है. रविवार को इन गांवों के 44 अपराधियों ने एक साथ पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया, जो जिले के इतिहास में एक अभूतपूर्व घटना है. कभी इन गांवों में आम आदमी तो क्या, पुलिसकर्मी भी जाने से डरते थे. इन गांवों के सैकड़ों आरोपियों की तलाश भारत के लगभग हर राज्य की पुलिस को थी. पिछले एक साल में ही 1235 थानों की पुलिस विभिन्न अपराधों में शामिल आरोपियों की तलाश में यहां आ चुकी थी और पिछले साल इन गांवों से 30 करोड़ 78 लाख रुपये की बरामदगी हुई थी.
लेकिन, जब से आदित्य मिश्रा ने राजगढ़ के एसपी का पदभार संभाला है, इन गांवों का नजारा बदलने लगा है. एसपी मिश्रा लगातार बड़ी कार्रवाइयां कर रहे हैं, जिससे अपराधियों में भय का माहौल है. कड़िया, गुलखेड़ी और हुलखेड़ी, जिन्हें अपराध की नर्सरी कहा जाता है, वहां एसपी मिश्रा ने रात-दिन अभियान चलाया है. कई आरोपी अब एसपी कार्यालय आकर स्वीकार कर रहे हैं कि वे एसपी से प्रभावित हैं और ऐसे ईमानदार अधिकारी के कारण चोरी जैसे अपराध छोड़ने को तैयार हैं. आत्मसमर्पण करने वाले आरोपियों ने अपने हाथों पर चोरी न करने की तख्ती भी लिखवाई.
एसपी का ‘ऑपरेशन प्रहार’ बना टर्निंग प्वाइंट
दस दिन पहले एसपी आदित्य मिश्रा ने कड़िया गांव में पुलिस के 186 अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ एक बड़ा अभियान चलाया था, जो रात तीन बजे से अगले दिन शाम छह बजे तक चला. इस ‘ऑपरेशन प्रहार’ के चलते अपराधियों में डर फैल गया था और 25 आरोपियों ने पहले ही समर्पण कर दिया था. अब रविवार को 44 और अपराधियों के सरेंडर ने जिले में पुलिस की सबसे बड़ी सफलता दर्ज कराई है. जिले में एसपी आदित्य मिश्रा की इस पहल की जमकर सराहना हो रही है और स्थानीय मंत्री भी खुले मंच से उनकी तारीफ कर चुके हैं.
‘किसी भी हाल में अपराध नहीं करने दूंगा’ – एसपी आदित्य मिश्रा
राजगढ़ एसपी आदित्य मिश्रा ने कहा कि वे किसी भी हालत में जिले में अपराध नहीं होने देंगे. उन्होंने कहा कि उन्हें खुशी है कि लोग आगे आकर आत्मसमर्पण कर रहे हैं. राजगढ़ पुलिस की इस ऐतिहासिक कार्रवाई ने साबित कर दिया है कि यदि दृढ़ इच्छाशक्ति हो तो अपराध को जड़ से उखाड़ा जा सकता है और जब वर्दी के साथ संवेदनशीलता जुड़ जाए तो नतीजे उम्मीद से कहीं ज्यादा बेहतर होते हैं. इस मौके पर नरसिंहगढ़ विधायक और जिलाध्यक्ष भी मौजूद रहे. आत्मसमर्पण करने वाले अपराधियों ने भविष्य में अपराध न करने का वचन लिया.