मऊ: अगर आप हस्तशिल्प कला का कार्य कर रहे हैं और 60 वर्ष की उम्र पार कर चुके हैं, लेकिन अब तक पेंशन नहीं मिल रही है, तो अब सरकार की एक योजना से यह संभव हो सकता है. अगर आप मुख्यमंत्री हस्तशिल्प पेंशन योजना के अंतर्गत अपना रजिस्ट्रेशन करा लेते हैं तो हर महीने ₹500 पेंशन मिलेगी. हालांकि इसके लिए कुछ नियम और शर्तें तय की गई हैं, जिनकी जानकारी होना बेहद जरूरी है. लोकल18 से बात करते हुए उपायुक्त उद्योग राजेश रोमन ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार के उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन निदेशालय, कानपुर द्वारा इस योजना को लागू किया गया है.
योजना का उद्देश्य
इस योजना का उद्देश्य हस्तशिल्पियों के जीवन स्तर और आर्थिक स्थिति में सुधार लाना है. साथ ही पारंपरिक कलाओं को संरक्षित बनाए रखना भी इस योजना का अहम मकसद है. चयनित हस्तशिल्पी को ₹500 प्रति माह पेंशन दी जाएगी. योजना का क्रियान्वयन जिला उद्योग केन्द्र, मऊ द्वारा किया जाएगा. धनराशि की सीमित उपलब्धता की स्थिति में शारीरिक रूप से अक्षम और अधिक आयु वाले हस्तशिल्पियों को प्राथमिकता दी जाएगी.
पात्रता क्या है?
हस्तशिल्प पेंशन योजना का लाभ लेने के लिए शिल्पकार की न्यूनतम आयु 60 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए. यदि कोई शिल्पकार शारीरिक रूप से विकलांग है, तो उसे न्यूनतम आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट प्रदान की जाएगी, लेकिन इसके लिए मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा जारी किया गया प्रमाण पत्र अनिवार्य रूप से जमा करना होगा. इसके अलावा, इस योजना का लाभ केवल उन्हीं शिल्पकारों को मिलेगा जिनके परिवार की वार्षिक आय 1 लाख रुपये से अधिक नहीं है.
कैसे करें आवेदन?
इस योजना के लिए आवेदन केवल www.msme.up.gov.in वेबसाइट पर ऑनलाइन किया जा सकता है. ऑनलाइन आवेदन पत्र की हार्ड कॉपी और सभी जरूरी डॉक्यूमेंट्स को कार्यालय- जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केन्द्र, गाजीपुर तिराहा, मऊ में जमा करना जरूरी होगा. यदि किसी को अधिक जानकारी चाहिए तो इच्छुक आवेदक किसी भी कार्य दिवस में उपायुक्त उद्योग, मऊ के कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं.