इस बार वैशाख अमावस्या पर शनि जयंती, कर लें ये काम, पीढ़ियों के पितर होंगे खुश!
- April 16, 2025
- 0
Last Updated:April 16, 2025, 07:42 IST Vaisakha Amavasya 2025: 27 अप्रैल 2025 को वैशाख अमावस्या तिथि मानी गई है. इस दिन शनि जयंती भी है. ये अद्भुत संयोग
Last Updated:April 16, 2025, 07:42 IST Vaisakha Amavasya 2025: 27 अप्रैल 2025 को वैशाख अमावस्या तिथि मानी गई है. इस दिन शनि जयंती भी है. ये अद्भुत संयोग
Last Updated:
हाइलाइट्स
देवघर: अमावस्या के दिन चंद्रमा क्षीण होता है, इसलिए इस दिन चंद्रमा की पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है. हिंदू धर्म में अमावस्या का विशेष महत्व है, क्योंकि यह तिथि पितरों को समर्पित होती है. वैशाख महीने की शुरुआत हो चुकी है और इस साल 2025 की वैशाख अमावस्या बेहद खास है, क्योंकि इसी दिन शनि जयंती भी है. मान्यता है कि वैशाख अमावस्या पर गंगा स्नान करके पूर्वजों की पूजा और दान करना चाहिए. इससे पितृ दोष से मुक्ति मिलती है और घर में सुख-समृद्धि बढ़ती है. देवघर के ज्योतिषाचार्य ने इस संबंध में उपाय बताए हैं.
देवघर के पागल बाबा आश्रम स्थित मुद्गल ज्योतिष केंद्र के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित नंदकिशोर मुद्गल ने बताया कि वैशाख माह की अमावस्या के दिन स्नान, दान और पितरों की पूजा शुभ और कल्याणकारी मानी जाती है. इस साल यह तिथि 27 अप्रैल को मनाई जाएगी. उस दिन शनि जयंती भी है, इसलिए वैशाख अमावस्या के दिन शनि की पूजा अवश्य करें. इससे शनि दोष से भी छुटकारा मिलेगा. वहीं, पितरों के निमित्त श्राद्ध कर्म आदि करने से पितर प्रसन्न होंगे और यदि पितृ दोष लगा है तो उसमें राहत मिलेगी.
अमावस्या तिथि की शुरुआत
वैशाख माह की अमावस्या तिथि की शुरुआत 27 अप्रैल सुबह 04:18 बजे से होगी और समापन अगले दिन यानी 28 अप्रैल सुबह 03:58 बजे होगा. उदया तिथि के अनुसार, 27 अप्रैल को ही अमावस्या मनाई जाएगी.
अमावस्या के दिन क्या करें
वैशाख अमावस्या के दिन सुबह स्नान करके चावल का पिंड बनाकर पूर्वजों के नाम से अर्पण करें. इस दिन सत्तू का विशेष महत्व होता है, इसलिए सत्तू, घड़ा, चप्पल, छाता आदि का दान करें. इससे पितृ दोष से मुक्ति मिलेगी. उस दिन शनि जयंती भी है, इसलिए किसी शनि मंदिर जाकर शनि देव को सरसों का तेल अर्पण करें. इससे शनि दोष से छुटकारा मिलेगा.
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Local-18 व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.
