आसिम मुनीर को यूं ही नहीं मिली फील्ड मार्शल की पदवी, शाहबाज की गहरी है साजिश
- May 29, 2025
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Last Updated:May 29, 2025, 05:10 IST Asim Munir News: भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान को ऐसा सबक सिखाया जिसे वहां की आर्मी और सरकार सालों तक
Last Updated:May 29, 2025, 05:10 IST Asim Munir News: भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान को ऐसा सबक सिखाया जिसे वहां की आर्मी और सरकार सालों तक
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शहबाज शरीफ ने अपने बड़े भाई नवाज शरीफ से सबक सीखा और भारत के हाथों करारी शिकस्त के बाद भी आर्मी चीफ आसिम मुनीर को फील्ड मार्शल की पदवी दे दी.
हाइलाइट्स
युद्ध में हार किसी भी देश के संप्रभुता और उसकी प्रतिष्ठा पर बड़ा चोट होती है. इसका खामियाजा वहां की सेना के प्रमुख और सरकार को चुकानी पड़ती है. भारत और पाकिस्तान के बीच कई बार टकराव हो चुका है, जिसमें पड़ोसी देश को हर बार मुंह की खानी पड़ी है. इसके बाद हर बार वहां के शासन प्रशासन में बड़े बदलाव हुए हैं. पहलगाम की बैसरन घाटी में धर्म के आधार पर नरसंहार के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया और पीओके के साथ ही पाकिस्तान में मौजूद आतंकवादियों के शिविरों को तबाह कर दिया. इंडियन एयरफोर्स ने पाकिस्तानी एयरबेस को भी टारगेट किया. रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण नूर खान एयरबेस पर इंडियन अटैक के बाद पाकिसतान घुटनों पर आ गया और सीजफायर की गुहार लगाने लगा. भारत अपनी शर्तों पर इसके लिए तैयार हुआ. सैन्य टकराव में बुरी तरह से पिटने के बाद पाकिस्तान में एक बड़ी और चौंकाने वाली घटना हुई. प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अपने हारे हुए सेनापति आर्मी चीफ आसिम मुनीर को प्रमोट कर उन्हें फील्ड मार्शल बना दिया. यानी फाइव स्टार सैन्य अधिकारी. इस कदम के पीछे की साजिश का खुलासा हुआ है.
भारत के हाथों महज चार दिनों में ही पस्त होने वाली आसिम मुनीर की सेना और शाहबाज शरीफ की प्रतिष्ठा दांव पर लग गई. जनता के सामने इज्जत पलीद हो गई, ऐसे में आर्मी चीफ आसिम मुनीर और शाहबाज शरीफ को अपनी कुर्सी बचाने की चिंता सताने लगी. इसके बाद प्रधानमंत्री शाहबाज ने अनोखी चाल चली. इससे पहले की आर्मी पूर्व की तरह सिविलियन गवर्नमेंट पर हावी हो जाए, शाहबाज शरीफ ने राजनीति की शतरंज पर पासा फेंकते हुए हारे हुए सेनापति आसिम मुनीर को फील्ड मार्शल के तौर पर प्रमोट कर दिया. इससे एक साथ दो लक्ष्यों को साधा गया. एक तरफ, आर्मी भी खुश हो गई कि उसके चीफ को ऐतिहासिक दर्जा दिया गया. वहीं, सिविलियन गवर्नमेंट किसी भी तरह के सैन्य तख्तापलट के खतरे को पहले ही टाल दिया. नहीं तो युद्ध में हारे हुए आर्मी चीफ को भला कौन प्रमोट करता है.
अब पाकिस्तान सेना के अंदर के स्ट्रक्चर और गुटबाजी को समझिए. आसिम मुनीर को फील्ड मार्शल बनाना प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का घुटना टेकना है. हकीकत में अब पाकिस्तान में आसिम मुनीर ही असली किंग हैं और बाकी सब उनके दरबारी बन चुके हैं. पॉलिटिकल सर्किल में अब सिर्फ इमरान खान ही हैं जो मुनीर को लगातार चुनौती दे रहे हैं. आसिम मुनीर के फाइव स्टार आर्मी चीफ बनने के साथ ही सेना के अंदर संभावित विद्रोह पर समय से पहले ही विराम लगा दिया गया. दिलचस्प बात यह है कि आसिम मुनीर ऑफिसर ट्रेनिंग स्कूल मंगला के प्रोडक्ट हैं. आमतौर पर पाकिस्तान मिलिट्री एकेडमी (काकुल) से लॉन्ग कोर्स करने वाले सैन्य अफसरों को ज्यादा तरजीह दी जाती है. मुनीर को प्रमोट करने से पाकिस्तान मिलिट्री एकेडमी के अफसरों में बेचैनी होना स्वाभाविक है. आसिम मुनीर और उनके समकक्ष और ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टॉफ कमेटी के चेयरमैन जनरल साहिर शमशाद मिर्जा को नवंबर 2022 में एक साथ फोर स्टार जनरल बनाया गया था. इस तरह अब ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी के चेयरमैन अब पाकिस्तान आर्मी चीफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के सामने रैंक और रुतबे में बौना हो गए. इससे पहले ISI के डायरेक्टर जनरल लेफ्टिनेंट जनरल असीम मलिक को नेशनल सिक्योरिटी एडवायजर बनाया गया था. अब आसिम मुनीर के फील्ड मार्शल बनने से जनरल मिर्जा और ले. जनरल असीम मलिक दोनों उनके जूनियर हो गए.
‘इकोनोमिक टाइम्स’ की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान सरकार की ओर से सेना में दो और बड़े अप्वाइंटमेंट किए गए हैं. लेफ्टिनेंट जनरल सैय्यद आमेर रजा को चीफ ऑफ जनरल स्टाफ बनाया गया है. साथ ही लेफ्टिनेंट जनरल शाहिद इम्तियाज को रावलपिंडी के 10 कोर का कमांडर बनाया गया है. आसिम मुनीर की तरह ये दोनों आर्मी ऑफिसर भी ऑफिसर ट्रेनिंग स्कूल मंगला के प्रोडक्ट हैं और कोर्स मेट भी हैं. अब यहां गौर करने वली बात यह है कि चीफ ऑफ जनरल स्टॉफ और रावलपिंडी के 10 कोर की पाकिस्तान में हुए सैन्य तख्तापलट में अहम रोल रहा है. साल 1999 में जब नवाज शरीफ की सरकार को तत्कालीन सेनाध्यक्ष परवेज मुशर्रफ ने सत्ता से बेदखल किया था तो उस समय चीफ ऑफ जनरल स्टॉफ और आर्मी के रावलपिंडी 10 कोर ने अहम भूमिका निभाई थी. तख्तापलट से पहले इन दोनों पदों पर नवाज शरीफ ने नियुक्तियां की थीं और वे दोनों अफसर मुशर्रफ के करीबी थी. अब शाहबाज शरीफ अपने बड़े भाई से सीख लेते हुए आसिम मुनीर को न केवल प्रमोट किया, बल्कि अन्य बदलाव कर खुद की सत्ता को सुरक्षित करने की भी व्यवस्था कर ली है.

बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से प्रारंभिक के साथ उच्च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…और पढ़ें
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