आतंकी हमले की सजा हमें क्यों?, PAK बच्चों की हिंदुस्तानी मां की गुहार
- May 1, 2025
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Last Updated:May 01, 2025, 00:56 IST Bhopal News : समरीन, जिनकी शादी पाकिस्तान में हुई थी, पहलगाम आतंकी हमले के बाद अपने बच्चों के साथ भारत में हैं.
Last Updated:May 01, 2025, 00:56 IST Bhopal News : समरीन, जिनकी शादी पाकिस्तान में हुई थी, पहलगाम आतंकी हमले के बाद अपने बच्चों के साथ भारत में हैं.
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भोपाल की समरीन ने भावुक अपील की है.
हाइलाइट्स
वासु चौरे
भोपाल: “कोई मां अपने एक साल के मासूम बच्चे से दूर कैसे रह सकती है… आतंकवादियों का गुनाह, सजा हमें क्यों?” यह सवाल भोपाल की रहने वाली समरीन का है, जिनकी जिंदगी पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद उलझ गई है. इस हमले का दर्द सिर्फ उन परिवारों ने नहीं झेला जिनके अपने बिछड़ गए, बल्कि कई ऐसे परिवार भी इसकी चपेट में आ गए हैं जिनकी जड़ें दोनों देशों में हैं. समरीन का मायका हिंदुस्तान है, तो ससुराल पाकिस्तान. उनके और उनके बच्चों की नागरिकता अलग-अलग देशों की है, जिसने अब उनके साथ रहने को मुश्किल बना दिया है.
न्यूज़ 18 से बात करते हुए समरीन ने बताया कि आठ साल पहले उनकी शादी पाकिस्तान में हुई थी. उन्होंने भारतीय नागरिकता बनाए रखने के लिए पाकिस्तान की नागरिकता के लिए आवेदन नहीं किया, ताकि उन्हें भारत आने में कोई परेशानी न हो. वह वीजा पर पाकिस्तान में रहती थीं, लेकिन कुछ समय पहले जब वह भोपाल आईं, तो पहलगाम हमले के कारण भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया. समरीन के दो बच्चे हैं – डेढ़ साल की जुनैरा और छह साल का साजिल. दोनों ही पाकिस्तानी नागरिक हैं. नई गाइडलाइंस के बाद अब सबसे बड़ी समस्या यह है कि उनके बच्चे हिंदुस्तान में नहीं रह सकते और मां यानी समरीन पाकिस्तान नहीं जा सकतीं.
अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए समरीन ने कहा कि उनके बच्चे अभी बहुत छोटे हैं और अक्सर उनकी तबीयत खराब रहती है. उन्हें पाकिस्तान भेजने की बात कही जा रही है, जो उनके लिए बिल्कुल भी मुमकिन नहीं है. पाकिस्तान में उनकी ससुराल में सिर्फ उनकी बुजुर्ग सास हैं, और उनके पति सद्दाम दुबई में काम करते हैं, जो पाकिस्तानी नागरिक होने के कारण भारत नहीं आ सकते. समरीन का पासपोर्ट भी जल्द ही एक्सपायर होने वाला है और अभी तक रिन्यू नहीं हुआ है.
अपने और अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित समरीन ने सरकार से भावुक अपील की है. उन्होंने कहा कि भारतीय माताओं के लिए अपने देश में आसानी से आने-जाने की व्यवस्था होनी चाहिए. जब वह अपने वतन आना चाहें, तो उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े. उन्होंने मांग की कि आम जनता को इस तरह की दिक्कतों से बचाने के लिए कोई ऐसी व्यवस्था बनाई जानी चाहिए.
पहलगाम की घटना से समरीन भी आहत हैं. उन्होंने कहा कि उस हमले में बेकसूर लोगों को मारा गया, और आतंकवादियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए, लेकिन आम लोगों को परेशान नहीं किया जाना चाहिए. उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि वह और उनके जैसे कई परिवार इस तनाव के बीच पिस रहे हैं. उन्होंने सरकार से यह भी गुहार लगाई कि जब तक उनका पासपोर्ट रिन्यू नहीं हो जाता, तब तक उनके और उनके बच्चों के वीजा को एक्सटेंड कर दिया जाए, ताकि वे इस मुश्किल घड़ी में एक साथ रह सकें.
