वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में देश का पहला अर्बन रोपवे ट्रांसपोर्ट सिस्टम बन रहा है, जो बाबा विश्वनाथ के दर्शन को और आसान बना देगा. इस हाईटेक ट्रांसपोर्ट से लोगों को ट्रैफिक के झाम से राहत मिलेगी और वो आराम से हवा में सफर करते हुए मंदिर तक पहुंच सकेंगे. वाराणसी में बन रहा ये रोपवे कई मायनों में बेहद खास है. इसकी सबसे बड़ी खासियत ये है कि बारिश और तेज आंधी में भी यात्री बिना किसी परेशानी के इसमें सफर कर सकेंगे. इसकी डिजाइन नेशनल हाइवे लॉजिस्टिक मैनेजमेंट लिमिटेड (NHLML) ने खास तरीके से तैयार की है, जिससे सफर सुरक्षित और आरामदायक हो.
जल्द पूरा होगा काम
रोपवे ट्रांसपोर्ट के लिए शहर में चार स्टेशन बनाए जा रहे हैं. कैंट, विद्यापीठ और रथयात्रा स्टेशन का काम लगभग 75% पूरा हो चुका है. कैंट से रथयात्रा के बीच फिलहाल ट्रायल रन चल रहा है, जो इसी महीने के अंत तक पूरा हो सकता है. इस ट्रायल में ट्रॉली को 5 मीटर प्रति सेकंड की रफ्तार से चलाया जा रहा है. गौर करने वाली बात है कि इस ट्रायल की शुरुआत जनवरी में ही हो चुकी थी.
अभी जो दूरी लोग कैंट से रथयात्रा या गोदौलिया तक 35 से 40 मिनट में तय करते हैं, वही सफर रोपवे के जरिए सिर्फ 15 मिनट में पूरा हो जाएगा. फिलहाल कैंट रेलवे स्टेशन से रथयात्रा तक के हिस्से में 18 टॉवर लग चुके हैं, वहीं रथयात्रा से गोदौलिया के बीच तेज़ी से काम चल रहा है.
लोगों को मिलेगा नया अनुभव
इस रोपवे ट्रांसपोर्ट का काम पूरा होने के बाद हर दिन करीब 90 हजार लोग इस सुविधा का इस्तेमाल कर सकेंगे. और सबसे दिलचस्प बात यह होगी कि यात्री 50 फीट की ऊंचाई से बनारस के खूबसूरत नज़ारों को भी देख पाएंगे. ये सफर न सिर्फ आरामदायक होगा बल्कि लोगों के लिए एक नया अनुभव भी होगा.