रमाकांत दुबे
भोपाल. कटनी की रहने वाली और बीते 12 दिन से लापता अर्चना तिवारी को जीआरपी पुलिस ने सुरक्षित बरामद कर लिया है. पुलिस ने उसे उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी से पकड़ा, जो नेपाल बॉर्डर से सटा इलाका है. रेलवे एसपी राहुल कुमार लोढ़ा ने अर्चना को बरामद किए जाने की पुष्टि की. अर्चना तिवारी इंदौर में रहकर सिविल जज की तैयारी कर रही थी. रक्षाबंधन पर वह अपने घर कटनी लौटने के लिए निकली थी. लेकिन रास्ते में अचानक लापता हो गई. अर्चना की आखिरी लोकेशन भोपाल रेलवे स्टेशन के आसपास मिली थी. इसके बाद पुलिस और परिवार उसकी तलाश में जुट गए थे.
रेलवे एसपी राहुल कुमार लोढ़ा ने बताया कि जीआरपी ने अर्चना को बरामद करने के बाद उसे भोपाल लाने की तैयारी शुरू कर दी है. भोपाल पहुंचने पर पुलिस उससे पूछताछ करेगी और बयान दर्ज किए जाएंगे. माना जा रहा है कि अर्चना के बयान से इस मामले में बड़ा खुलासा हो सकता है. पुलिस जांच में अब तक कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ चुके हैं. जीआरपी की पड़ताल में पता चला कि अर्चना का ट्रेन टिकट ग्वालियर के एक पुलिसकर्मी ने बुक किया था. भंवरपुरा थाने में पदस्थ सिपाही राम तोमर ने उसके लिए इंदौर से ग्वालियर का ट्रेन टिकट खरीदा था. इसके बाद से ही मामला और संदिग्ध हो गया.
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मोबाइल लोकेशन व अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर खोजा
अर्चना के परिवार ने उसकी गुमशुदगी के बाद लगातार पुलिस और प्रशासन से मदद की गुहार लगाई थी. सोशल मीडिया पर भी उसकी खोजबीन को लेकर अभियान चलाया गया. इस बीच, जीआरपी की टीम ने विभिन्न शहरों में उसकी तलाश की और मोबाइल लोकेशन व अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर खोज को आगे बढ़ाया. आखिरकार 12 दिन बाद उसे सुरक्षित बरामद कर लिया गया. फिलहाल सिपाही राम तोमर को पुलिस ने हिरासत में लिया है और पूछताछ की जा रही है.
कई सवालों का जवाब मिलेगा, अर्चना बुधवार को भोपाल पहुंचेगी
जीआरपी अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि अर्चना इतने दिनों तक लखीमपुर खीरी कैसे पहुंची और उसकी गुमशुदगी के पीछे असली कारण क्या था. अर्चना के परिजनों को उसकी बरामदगी की खबर मिलते ही राहत की सांस मिली है. अब सभी की निगाहें अर्चना के बयान और पुलिस जांच पर टिकी हैं, जिससे इस पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके.