अब नए अवतार में पलामू की शान! मल्टीप्लेक्स के रूप में दिखेगा सिनेमा हॉल
- April 12, 2025
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पलामू. पलामू जिला अब महानगरों के तर्ज पर विकसित हो रहा है, जहां कई तरह-तरह की आधुनिक सुविधाओं के साथ मॉल समेत कई चीज देखने को मिलता हैं.
पलामू. पलामू जिला अब महानगरों के तर्ज पर विकसित हो रहा है, जहां कई तरह-तरह की आधुनिक सुविधाओं के साथ मॉल समेत कई चीज देखने को मिलता हैं.
पलामू. पलामू जिला अब महानगरों के तर्ज पर विकसित हो रहा है, जहां कई तरह-तरह की आधुनिक सुविधाओं के साथ मॉल समेत कई चीज देखने को मिलता हैं. वहीं अब यहां जिले का पहला मल्टीप्लेक्स बनकर तैयार है, जिसका शुभारंभ 15 अप्रैल से होने जा रहा है.उद्घाटन के बाद 16 अप्रैल से पहला शो की शुरुआत होगी, जहां की दो स्क्रीन लगे हुए हैं.
दरअसल, मोहन सिनेमा पलामू जिले में चर्चित सिनेमा हॉल था, जो कि 1940 में ज्योति प्रकाश के द्वारा अपने भाई ब्रजमोहन बाबू के नाम पर शुरू किया गया, जिसके नाम से कभी डाल्टनजंग की पहचान बनी थी. यहां दूर-दूर से लोग पैदल और ट्रेन से यात्रा कर फिल्में देखने आते थे. मगर कोरोना कॉल में ये सिनेमा हॉल बंद हो गया, जिसके बाद अब नए अवतार में पलामू जिले वासियों को नए सौगात के रूप में मिलने जा रहा है.
कब होगा उद्घाटन?
सिनेमा हॉल के ऑनर ज्ञान शंकर ने लोकल18 को बताया कि मोहन सिनेमा अब पूरी तरह शहरवासियों के स्वागत के लिए तैयार है, जिसका उद्घाटन 15 अप्रैल को होगा.जिसके बाद 16 अप्रैल 2025 को फर्स्ट शो दिखाया जाएगा.जिसके बाद जिले वासी एक अच्छा और खूबसूरत वातावरण में सिनेमा हॉल का मजा मल्टीप्लेक्स के रूप में ले सकेंगे.
क्या हैं सुविधाएं?
आगे बताया कि इस सिनेमा हॉल में दो स्क्रीन लगे है.जिसमें अलग अलग सुविधा है.यहां एक स्किन में 225 लोगों के बैठने की सुविधा है.जबकि दूसरे में लगभग 197 लोगों के बैठने की सुविधा है.सबसे बड़ी खूबी है कि यहां डाली डिजिटल साउंड के साथ सिल्वर स्क्रीन लगाया गया है.जो की 16 बाई 38 के साइज का है.वहीं खास तौर पर रिक्लेनर सीट भी लगाया गया है.जो पूरी तरह आनंदित महसूस कराता है.यहां पर 3डी फिल्म की भी सुविधा है.वहीं दो कैफेटेरिया भी है.जहां की सभी तरह की सुविधा मिलेंगी.
ये लगेगी पहली फिल्म
जीएम अमित दुबे ने लोकल18 को बताया कि पहला शो छावा फिल्म से शुरू होगा.इसके साथ साथ जाट व केशरी 2 का भी शो चलाया जाएगा.जिसके लिए बुक माई शो और पेटीएम से टिकट बुक कर सकते है.शुरू होने के एक दो हफ्ते बाद रिलीज हुआ फिल्म भी दिखाया जाएगा.
बच्चों और बूढों के लिए प्ले जोन
आगे बताया कि सिनेमा हॉल के दूसरे तल्ले पर प्ले जोन भी बनाया गया है.जहां 1 साल के बच्चे से 70 साल तक बूढ़ों के लिए मनोरंजन के साधन है.कई तरह के मनोरंजन के लिए मशीन लगाए गए है.यहां छोटी मोटी पार्टी जैसे किट्टी पार्टी आसानी से कर सकते है.यहां काफी शॉप के अलावा मॉल भी है.जहां की खरीददारी भी कर सकते है.
मोहन सिनेमा हॉल का क्या है इतिहास?
ऑनर ज्ञान शंकर ने बताया कि उनके पिता ज्योति प्रकाश के द्वारा अपने भाई ब्रजमोहन बाबू के नाम पर मोहन सिनेमा हॉल की शुरुआत 1940 में की गई थी.तब रील वाली फिल्मों का प्रचलन था.उस जमाने में 35 एमएम का स्क्रीन था, जहां 80 लोग एक साथ बैठकर फिल्म देखा करते थे. उसके बाद बाद धीरे धीरे विस्तार होता गया.जिसके बाद 1988 में ज्योति प्रकाश के पुत्र आनंद शंकर के द्वारा सिनेमा हॉल का फिर से जीर्णोद्वार किया गया. तब स्क्रीन को 70 एमएम का पर्दे में तब्दील किया गया.
लकड़ी की कुर्सी हटाकर कुर्सी में बदला गया.जिसके बाद यहां फिल्म देखने दूर दूर से लोग आने लगे और डाल्टनगंज की पहचान मोहन सिनेमा हॉल के रूप में हुई. कोरोना कॉल के दौरान मोहन सिनेमा हॉल बंद हो गया.जिसके बाद अब उनके द्वारा नए अवतार और नए सुविधाओं के साथ शहरवासियों के लिए लाया गया है.जो कि पूरी तरह आधुनिक सुविधा से लैश है.
