मंडी. हिमाचल प्रदेश में सुक्खू सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिरुद्ध सिंह के बाद अब मंडी जिले की धर्मपुर विधानसभा से कांग्रेस विधायक चंद्रशेखर ठाकुर ने भी नेशनल हाईवे अथॉरिटी की कंपनी के खिलाफ मोर्चा खोलने का ऐलान किया है. बीती रात से विधायक चंद्रशेखर ने अनशन का ऐलान करते हुए धरना शुरू कर दिया है. विधायक ने यहां हाईवे निर्माणाधीन कंपनी व सड़क और परिवहन राजमार्ग मंत्रालय (मोर्थ) के अधिकारियों के खिलाफ लगातार बरती जा रही कोताही के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.
विधायक का आरोप है कि मंडी-जांलधर नेशनल हाईवे धर्मपुर से होकर निकलता है और इस नेशनल हाईवे-003 के निर्माण में कंपनी और मोर्थ अधिकारियों की ओर से लापरवाही बरतने का आरोप है और अनिमिताओं का खामियाजा यहां की जनता को भुगतना पड़ रहा है.
सोमवार रात 10 बजे सोशल मीडिया फेसबुक पेज पर लाइव आकर विधायक धर्मपुर ने इन अधिकारियों पर कई आरोप भी जड़े हैं. विधायक का कहना है कि जब तक केंद्र सरकार की ओर से इस लापरवाही के खिलाफ हस्तक्षेप कर निर्माणाधीन कंपनी और मोर्थ अधिकारियों को यहां से हटाया नहीं जाता है, तब तक वे यहां से उठने वाले नहीं है.
कंपनी और मोर्थ अधिकारियों का सार्थक जवाब नहीं आया
विधायक के अनुसार, सोमवार को वह प्रभावित पंचायतों को दौरे पर मौजदू थे और दोपहर एक बजे पाडछू पुल के पास पहुंचे. पाडछु पुल पर उन्होंने देखा कि हाईवे की हालात बहुत ही दयनीय हो गई है और यहां से कोई भी वाहन नहीं गुजर रहा है. इसके बाद उन्होंने हाईवे की दयनीय स्थिति के बारे में जब कंपनी और मोर्थ अधिकारियों से बातचीत करना चाही तो उनकी ओर से कोई सार्थक जवाब नहीं आया. कुछ देर बाद पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भी वहां पहुंच गए, लेकिन निर्माणाधीन कंपनी और मोर्थ के अधिकारियों ने यहां आने के लिए 3 तीन घंटे लगा दिए. बाद में जब इन्हें प्रोजेक्ट डायरेक्ट सहित थाने में बुलाया गया. 5 घंटे बीत जाने के बाद भी जब प्रोजेक्ट डायरेक्टर थाने नहीं पहुंचे तो अब जनता की परेशानी को देखते हुए धरने पर बैठना का निर्णय लेना पड़ा.
पिछले 4 सालों से यहां की स्थानीय परेशान
विधायक ने कहा कि कंपनी की ओर से कछुए की धीमी गति से इस हाईवे के कार्य को किया जा रहा है. इसका खामियाजा पिछले 4 सालों से यहां की स्थानीय पंचायतों को भुगतना पड़ रहा है. निर्माणाधीन कंपनी की गलत कंटिग के चलते अधिकतर मकानों में दरारें आ गई है. कंपनी द्वार लगाए गए अधिकतर डंगे धराशाही हो गए हैं, जिस कारण हाईवे सहित लिंक रोड़ भी चलने लायक नहीं बचें हैं. जनता के विरोध के बाद भी कंपनी और मार्थ अधिकारी मनमानी पर अड़े हुए हैं. यहां तक कि पिछले दिनों सीएम सुक्खविंदर सिंह सुक्खू धर्मपुर दौरे पर पहंचे थे तो उस समय भी इन अधिकारियों ने सीएम की बातों को अनसुना कर दिया था और प्रोजेक्ट डायरेक्टर पाडछू पुल नहीं पहुंचे. आज इस धरने पर बैठने के साथ उन्होंने महात्मा गांधी के सत्याग्रह की लड़ाई शुरू कर दी दी है. पूर्ण रूप से समाधान न होने तक वे एक इंच भी यहाँ से हिलने वाले नहीं है. उनके जतना से जुड़े कार्य बाधित न हो, इसके लिए विधायक ने अवाहदेवी चौक से ही दफतर चलाने की भी बात कही है.
अवाहदेवी से मात्र तीन किलोमीटर दूर है पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर का घर
बता दें कि मंडी जिला का धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र हमीरपुर संसदीय क्षेत्र में आता है और यहां से मात्र तीन किलोमीटर दूर समीरपुर में पूर्व केंद्रीय मंत्री व सांसद अनुराग ठाकुर का घर है. आपदा के दौरान जब सांसद अनुराग ठाकुर धर्मपुर में प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने पहुंचे थे तो उस समय भी यहां की जनता ने अपना दुखडा उन्हें सुनाया था. जिस पर अनुराग ठाकुर ने मौके पर ही प्रोजेक्ट डायरेक्टर की क्लास लगा दी थी. धर्मपुर विधायक ने अभी हाल ही में संपन हुए मानसून सत्र के दौरान अपने वक्तव्य में भी कंपनी और मोर्थ की लापरवाही के मुददे को सदन के समक्ष प्रमुखता से उठाया था. वहीं इसके अलावा मजदूर संगठन सीटू से जुड़े माकपा नेता भी स्थानीय जनता के साथ इस मुददे को पूरे जोर शोर से उठाते आए हैं. सदर विधायक अनिल शर्मा, समाजसेवी राजेश कपूर और अनुपमा सिंह भी इस लापरवाही पर केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात कर चुके हैं, लेकिन लोगों की समस्या यहाँ जस की तस बनी हुई है.